संस्मरण: कथाकार मिथिलेश्वर को याद करना मेरे लिए किसी ऋण-मुक्ति की तरह है – विजय कुमार तिवारी
मेरा पटना प्रवास लगभग 10 वर्षों का रहा,1983 से 1993 तक। नौकरी के साथ-साथ साहित्य-साधना के लिए अनुकूल दौर था और मैं साहित्य लिखने वालों,साहित्य संगठन चलाने वालों,बैठकों का आयोजन…
दीर्घ नारायण के उपन्यास * रामघाट में कोरोना * पर लेखिका रजनी गुप्त के विचार
लखनऊ, 24 सितम्बर, 2023 दीर्घ नारायण के उपन्यास “रामघाट में कोरोना” पर सम्पन्न विमर्श गोष्ठी में रजनी गुप्त के विचार- सबसे पहले इस बृहद उपन्यास के लिए मैं दीर्घ नारायण…
पुष्पिता अवस्थी की प्रेम कविताएं
कविता व्याकुलता के अधीर क्षणों में तुम्हारी आत्मा का विलय कर लेती हूं अपनी आत्मा में। और अनुभव करती हूं परमात्मा की अक्षय शक्ति। विश्वास में ही विलय कर पाती…
दीर्घ नारायण के उपन्यास * रामघाट में कोरोना * पर वंदना भारती के विचार
लखनऊ, 24 सितम्बर, 2023 दीर्घ नारायण के उपन्यास “रामघाट में कोरोना” पर सम्पन्न विमर्श गोष्ठी में वंदना भारती के विचार: वंदना भारती (असिस्टेंट प्रोफेसर, हिंदी विभाग,पूर्णियाँ विश्वविद्यालय) उपन्यास “रामघाट में…
सामाजिक सरोकारों से लबरेज महेन्द्र नारायण पंकज की कहानियाँ
- शिल्पी कुमारी सत्र 2021-23 के लिए ‘हिन्दी सेवी सम्मान योजना’ के तहत ‘मोहन लाल महतो वियोगी’ सम्मान से सम्मानित महेन्द्र नारायण पंकज, वर्तमान समय में ‘जन लेखक संघ’ के…
सुधा वेंचर्स ने मनाया जश्न, एसवी फिदा शी-रो और इंडियन लेजेंडरी अवार्ड्स ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम प्रस्तुत किया
मुम्बई: महिला सशक्तीकरण की भावना 31 मार्च, 2024 को बेंगलुरु में गूंज उठी, उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं के रूप में हमें प्रतिष्ठित एसवी फ़िदा शी-रो पुरस्कारों से सम्मानित किया…
दीर्घ नारायण के उपन्यास *रामघाट में कोरोना* पर साहित्यकार शिवमूर्ति के विचार
लखनऊ, 24 सितम्बर, 2023 दीर्घ नारायण के उपन्यास “रामघाट में कोरोना” पर सम्पन्न विमर्श गोष्ठी में साहित्यकार शिवमूर्ति के वक्तव्य: मित्रों, मैंने जितनी उम्मीद की थी आज उससे ज्यादा गहन…
देवी नागरानी की ग़ज़लें
ग़ज़ल : हिस्सा था ख़ानदान का, उससे जुदा न था पत्ता जुड़ा था शाख़ से जब तक गिरा न था बचपन गया जो छोड़ के आया न लौट कर शायद…
दीर्घ नारायण के उपन्यास *रामघाट में कोरोना* पर अखिलेश (तद्भव पत्रिका के संपादक) के विचार
लखनऊ, 24 सितम्बर, 2023 दीर्घ नारायण के उपन्यास “रामघाट में कोरोना” पर सम्पन्न विमर्श गोष्ठी में नामचीन साहित्यकारों व आलोचकों के वक्तव्य: अखिलेश जी सबसे पहले मैं भाई दीर्घ नारायण…
संजय कुमार सिंह की कहानी : तोता
राम बाबू से मेरी मुलाकात इत्तफाकन हुई कही जाएगी। मैं एक -दो हफ्ते के लिए इस छोटे से पहाड़ी शहर में आया हुआ था। होटल की बजाय अपने एक मित्र…