Literature

सत्येन्द्र कुमार रघुवंशी की कविताएं

*किसी को न दिखे मेरा दुःख* बटुवे से गिरे फोटो की तरह किसी को न दिखे मेरा दुःख वह त्वचा

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जसवीर त्यागी की कविताएं

महक ÷÷÷÷ मेट्रो में एक अनजान शिशु मुझे देख-देख कई बार मुस्कुराया मैं मुस्कान की मोहकता में बंधा चला गया

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जसवीर त्यागी की कविताएं

कम-ज्यादा ÷÷÷÷÷÷÷ बच्चे के जाने के बाद अब घर में एक बच्चे का खाना कम बनता है अलगनी पर एक

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