ममता जयंत की कविताएं

1. मजदूर -------------------- उनका होना चेतना का होना है उनका चलना विकास का चलना है उनका ठहरना प्रगति का ठहरना

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September 5, 2024

 धीरे धीरे बड़ा हो रहा है (एक) ........................... वह धीरे धीरे बड़ा हो रहा है अभी अपने अवतरण के सातवें

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यूक्रेनी कवि यूरी बोत्वींकिन की कविताएं

फ़रिश्ता... मेरी रक्षा के लिए भेजे फ़रिश्ते, तुम हो भी क्या?.. और हो तो बस छुप जाओ तुम मेरी पीठ

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