विजय सराफ मीनागी की कविताएं
ज़ोराबर सिंह शोर्य त्याग का अमर वीर पहाड़ों की छाती पर जिसने इतिहास लिखा, बर्फ़ीली हवाओं से जिसने भय को हर लिया। लद्दाख़ की चुप्पी ने नाम उसका गाया, ज़ोरावर…
राकेश भारतीय की सात कविताएँ
घर मेरा नहीं उस घर को अपना मानने से डरता हूँ घर जिसमें मैं आजकल रहा करता हूँ मुझे जो अच्छा लगता है वो दूसरों को नहीं अच्छा जो…
डॉ एम डी सिंह की हिंदी भोजपुरी ग़ज़लें
तलाशिए लगी नहीं हो कहीं आग तो माचिस तलाशिए रहने नहीं दे जो चैन से खारिश तलाशिए गर मचते ना दिख रही हो खलबली लोगों में जज्ब जरूर है उनमें…
डॉ एम डी सिंह की कविताएँ
दीप धरें निशा की उनिदी नदी,तिमिर के गांव में बरगद की घनघोर अंधियारी छाँव में झील की पीठ पर तमस की नाव में झिलमिल मोतियों की सीप धरें दीप धरें…
जसवीर त्यागी की कविताएँ
*सुकून* ÷÷÷÷ *घर के कामों से थककर* *उसे कभी-कभी दिन में ही* *हल्की-फुल्की नींद आ जाती है* *जरूरी काम होने पर भी* *मैं उसे जगाता नहीं* *सोता हुआ इंसान* *मुझे…
यूरी बोत्विंकिन की कविताएं
फूंक... ईश्वर के नाम पर लड़नेवालों को निहारते मौन-असमंजस में मैं बैठा था... पता चला अचानक कोई और भी बग़ल में बैठा है... फिर आह भरके और मुझे "ज्वाइंट" पकड़ाकर…
संसद में राहुल के तेवर और शाह का पलटवार
- विक्रम उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार राहुल गांधी इन दिनों अमित शाह को नीचा दिखाने के प्रयास में लगे हैं। पहले चुनाव सुधार पर संसद में बहस के दौरान गृह मंत्री…
दस्तक पटना की नई प्रस्तुति: रंगमंच पर जीवंत हुई ट्रेजेडी क्वीन ‘मीना कुमारी’
प्रस्तुति: अमरनाथ *प्रयोगधर्मिता और आधुनिक संवेदनशीलता का अनूठा संगम* पटना। बिहार की राजधानी में रंगमंच की विधा को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए नाट्य संस्था 'दस्तक' द्वारा प्रसिद्ध अभिनेत्री…
प्रगति पाठक की कविताएं
*मर्यादा के दीप, करुणा की वंदना* वन-वायु में आज भी जैसे उनकी पवित्र कहानी बहती है, जिन्होंने धरती पर चलकर मर्यादा की रेखा गहरी लिखी है। वे राम—जिनके चरणों में…
शैलेन्द्र की पुण्यतिथि पर रिलीज फ़िल्म ‘दुल्हनिया नाच नचाये’ में धूम मचा रहे हैं मनोज भावुक के लिखे गीत
आज, 14 दिसम्बर को गीतकार शैलेन्द्र की पुण्यतिथि है। भोजपुरी की पहली फ़िल्म ' गंगा मइया तोहे पियरी चढ़इबो ' के सारे गीत शैलेन्द्र ने लिखा है। तब, इस फिल्म…

