चितरंजन भारती की कहानी- * जड़ों की ओर *
“उस किताब को तुम देख रही हो” देवजीत देवबर्मन उससे मुस्कुराकर बोला- “उसने मेरा जीवन बदल दिया था।” “वह कैसे” माधवी उत्सुकता से भरकर बोली- “जब वह किताब तुम्हारी थी,…
डॉ. आशा सिंह सिकरवार की कविताएं
'बुरे दिनों में ' ( 1 ) बुरे दिनों में मुझे याद आये वे लोग जो बुराई के ख़िलाफ़ लड़े थे। ( 2 ) बुरे दिनों में आटा दाल का…
उमरचंद जायसवाल की ग़ज़लें
1. फिर कोई दिलदार मिला है मुझको मेरा प्यार मिला है अपलक नैनों से उसे देखूं जीवन का आधार मिला है भटका दर-दर अब जा पाया मुझको भी घर-बार मिला…
डॉ. रामकृष्ण के गीत
1. अब नहीं भाते, चिढ़ाते टेसुओं के फूल। दोपहर की चिलचिलाती स्वयं कुपिता धूप। तवे सी धरती दहकती हवा भी विद्रूप।। हरे होने लगे तीखे बबूलों के शूल।। चक्रवत घिरनी…
ममता जयंत की कविताएं
1. मजदूर -------------------- उनका होना चेतना का होना है उनका चलना विकास का चलना है उनका ठहरना प्रगति का ठहरना है उनका जागना उम्मीदों का जागना है उनका खोना विचारों…
डाॅ एम डी सिंह की ग़ज़लें
**** यूं पिट रही छातियों का कसूर पूछता हूं हो रही मातमपुर्सी का दस्तूर पूछता हूं था कहा उसने कभी न मौत पे रोना बच्चों क्यों फिर भी हाय-तौबा बदस्तूर…
सत्येन्द्र कुमार रघुवंशी के गीत
*जीवन फूलों-भरी लता है* लोग थका-माँदा न समझ लें, रखना कुछ तो वेग डगों में। माना सड़कें हैं पत्थर की, पर उनको हर कूच पता है। है मालूम कंटकों को…
घुसपैठिया का ट्रेलर जारी: साइबर सुरक्षा और फोन टैपिंग में विश्वास बनाम प्रौद्योगिकी पर सुसी गणेशन की दिलचस्प राय का अनावरण”
मुंबई (अमरनाथ ): सुसी गणेशन द्वारा निर्देशित और विनीत कुमार सिंह, उर्वशी रौतेला और अक्षय ओबेरॉय अभिनीत घुसपैठिया का ट्रेलर साइबर अपराध और फोन टैपिंग से जुड़े खतरों का एक…
“शौकन” गाने पर जान्हवी कपूर के डांस मूव्स और जुबिन नौटियाल और शाश्वत सचदेव की मनमोहक आवाज़ों ने “उलझ” मुंबई इवेंट को और भी शानदार बना दिया*
मुंबई (अमरनाथ ): बहुप्रतीक्षित थ्रिलर ड्रामा "उलझ" के ट्रेलर ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है, जिसे दर्शकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। चर्चा को और बढ़ाते हुए, फिल्म…
वेद प्रकाश की कविताएं
मैं हवा के झोंका की तरह आऊंगा मैं हवा के झोंका की तरह आऊंगा पेड़ झूमने लगेंगे पक्षियों के कलरव से धरती गूंज उठेगी आकाश समुद्र की ओर झुकने लगेंगे…