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जसवीर त्यागी की कविताएं

हम दोनों ÷÷÷÷÷ कभी-कभी उससे सुख-दुख की हँसी मज़ाक की बात हो जाती है जज़्बात की भी बात हो जाती

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गुरु पूर्णिमा, ईश्वर और गुरु-तत्व : विजय कुमार तिवारी

गुरु पूर्णिमा,ईश्वर और गुरु-तत्व विजय कुमार तिवारी 'मनुष्य एक भटका हुआ देवता है,' आचार्य श्रीराम शर्मा जी ने लिखा है। मनुष्य

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सत्येन्द्र कुमार रघुवंशी के गीत

*गीत* *हम कनक हुए होते* अवसादों के बीच हँसी की खनक हुए होते। जगह-जगह है आग, काश! हम कनक हुए

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