Latest Literature News
जयश्री रॉय की कहानी : * एक खूबसूरत झूठ *
उस समय नदी की तरह अबाध बहती दोपहर की सफेद धूप में…
डी एम मिश्र की ग़ज़लें
1 अँधेरा है घना फिर भी ग़ज़ल पूनम की कहते हो फटे…
पंकज चौधरी की कविताएं
1.हिंदी कविता के द्विजवादी प्रदेश में आपका प्रवेश दंडनीय है साहित्य अकादेमी…
कलम आज उनकी जय बोल … डॉ. श्यामबाबू शर्मा
हिमालयं समारभ्य…
धीरेन्द्र नाथ श्रीवास्तव की कविताएं/ ग़ज़ल
तूँ है मेरा पन्द्रह अगस्त --------------- हे नौ अगस्त, हे नौ अगस्त।…
समीक्षा : आज की स्त्री की घोषणा “मैं चुप नहीं रहूँगी” : विजय कुमार तिवारी
आज की हिन्दी कहानी बदलाव का संकेत दे रही है,बदल रही है…
दिनकर के काव्य में क्रांति और विद्रोह का स्वर : आदित्य अभिनव (चुम्मन प्रसाद)
धुँधली हुई दिशाएँ , छाने लगा कुहासा कुचली हुई शिखा से आने…
अत्यंत भावप्रवण कवि विद्वान आचार्य और आदर्श कुलपति थे मेजर बलबीर सिंह ‘भसीन’
जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई लघुकथा-गोष्ठी पटना । प्रख्यात शिक्षाविद…
डॉ. रामकृष्ण की ग़ज़लें
घर निकाला कर दिया अब पूछते क्या हाल है। बे निवाला कर…
सुरेश शॉ की लघुकथा : * बिरादर *
रोज की तरह आज भी बीरसूलहाट में मर्दों की अपेक्षा औरत खरीदारों…