भोजपुरिट पर प्रिया मल्लिक की ” सइयां मिले लड़कइयां ” का टीजर रिलीज
- अमरनाथ भोजपुरिट ( Bhojpuri + it ) की पहली प्रस्तुती सइयां मिले लड़कइयां का टीज़र भोजपुरिट के यूट्यूब चैनल पर रिलीज़ कर दिया गया है। इस गाने के टीज़र…
यूपी दिल्ली के सिनेमाघरों में 14 जुलाई से आ रही है ” पापा मैं छोटी से बड़ी हो गई “
- अमरनाथ कृष्णा कुमार की बहुप्रतीक्षित फ़िल्म "पापा मैं छोटी से बड़ी हो गई अब रीलीजिंग के लिए तैयार है। इसके रीलीजिंग की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।…
आर बाल्की की फिल्म “घूमर” से सैयामी खेर और अंगद बेदी का फर्स्ट लुक सामने आया
- अमरनाथ प्रतिभाशाली अभिनेता अंगद बेदी की आगामी फिल्म "घूमर" में अपने आकर्षक रोमांटिक प्रदर्शन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। "लस्ट स्टोरीज़ 2" में…
राजा सिंह की कहानी : “एक और ठौर”
आज वह सुबह जल्दी उठा. बाज़ार वाले दिन वह जल्दी ही उठता था. नित्यकर्म से निपट कर वह दुबग्गा मंडी जाता और वहां थोक के भाव से सब्जियां मिलती है.…
लोकतांत्रिक एवं राजनीतिक मूल्यों को कलंकित कर रही है भाजपा : उमेश सिंह कुशवाहा
06 जुलाई 2023, पटना बिहार जद(यू0) के प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से भाजपा केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर तमाम विपक्षी…
भ्रष्टाचार पर भाजपा को आत्मचिंतन करने की आवश्यकता : शीला मंडल
06 जुलाई 2023, पटना बृहस्पतिवार को जद(यू0) मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान बिहार सरकार के परिवहन मंत्री श्रीमती शीला मंडल ने प्रदेश के सभी जिलों से पहुंचे आमजनों…
भाजपा कार्यालय में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती मनाई गई
श्मामा प्रसाद जी के विचारों का शब्दशः पालन करने का काम भाजपा कर रही है : संजीव चौरसिया भारतीय विचार प्रस्फुटित करने के लिए जनसंघ की स्थापना की : संजीव…
नेताजी ने ही सर्वप्रथम महात्मा गाँधीजी को राष्ट्रपिता कहा था : के. विक्रम राव
के. विक्रम राव Twitter ID: Kvikram Rao करीब आठ दशक हुये। आज ही के दिन (6 जुलाई 1944) स्वतंत्र बर्मा की राजधानी रंगून (अब यांगून) से प्रसारित अपने उद्बोधन में…
सेंसर बोर्ड ने आखिरकार फिल्म भारतीयंस से शिव तांडव को हटा दिया, निर्माता शंकर नायडू निराश!
- अमरनाथ आदिपुरुष फिल्म को लेकर अपनी आलोचना के बाद सेंसर बोर्ड लगता है कुछ ज़्यादा गंभीर हो चला है। ऐसे में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले दृश्य और…
सुश्री श्वेता गुप्ता की कविताएं
गुनाह कैसे झेलूँ इस दुनिया को? जहाॅं होते पाप दिन-रात, लड़कियॉं घूम नहीं सकती खुलेआम क्योंकि होते हैं, उनके साथ बुरे काम। कैसे झेलूँ इस दुनिया को? कुछ कहना चाहती…