अभिनेता प्रवीण कर्दम को भारतीय कलाकार संघ ने राष्ट्रीय गौरव सम्मान 2023 देकर सम्मानित किया
*(राजू बोहरा, नई दिल्ली)* अभिनेता प्रवीण कर्दम अब किसी खास परिचय के मोहताज नहीं हैं। बल्कि वह अपनी प्रतिभाशाली अभिनय क्षमता से दर्शकों में काफी तेजी से लोकप्रिय हो रहे…
सबसे बड़ा है गहना, साफ रहना : नीतू नवगीत
पटना : पटना पटना नगर निगम की स्वच्छता जागरूकता अभियान की ब्रांड एंबेसडर डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने पाटलिपुत्र कॉलोनी में सहयोग हॉस्पिटल के पास स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया जिसमें…
मुख्यमंत्री ने जनता दरबार में 62 लोगों की सुनी समस्याएं, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश
पटना \ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता के दरबार में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 62 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए…
फिल्म * ये कैसा पेशा * मुंबई, झारखंड, बिहार में होगी एकसाथ प्रदर्शित
- अमरनाथ सामाजिक फिल्मों की बहुत कमी दिख रही है। ऐसे में यह फिल्म 'ये कैसा पेशा' बनाना एक जिम्मेदारी पूर्ण दायित्व है समाज के प्रति। समाज के सच को…
लालू गारंटर, इनके बिना नीतीश का कोई रोल नहीं : सम्राट चौधरी
नीतीश कुमार राजनीति में अब कोई फैक्टर नहीं रहे : सम्राट सोनिया को बेटे को पीएम और लालू को बेटे को सीएम बनाना है : सम्राट पटना, 17 जुलाई ।…
महापरिवर्तन के लिए पुनः तैयार है पूर्णिया : उमेश सिंह कुशवाहा
17 जुलाई 2023, पटना सोमवार को पूर्णिया में प्रमंडलीय स्तर समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए बिहार जद(यू0) के प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि पूर्णिया की…
फिल्मफेयर और फेमिना ने मनोज भावुक को किया सम्मानित
लखनऊ के रमादा में 16 जुलाई को फिल्मफेयर एवं फेमिना द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘ भोजपुरी आइकॉन्स- रील एंड रीयल स्टार्स ‘ समारोह में भोजपुरी के जाने-माने लेखक, फिल्म…
हिंदी ग़ज़ल में उर्दू का प्रभाव और ग़ज़ल का अपना स्वभाव : डॉ. डी एम मिश्र
हिन्दी ग़ज़ल की विकास यात्रा पर बात करें , उस से पहले इस ऐतिहासिक परिवेश को भी जान लेना ज़रूरी है। अमीर खुसरो की इस ग़ज़ल पर ध्यान दें ....…
मार्खेज का उपन्यास * एकांत के सौ वर्ष * पढ़ते हुए : संजय कुमार सिंह
मार्खेज का उपन्यास" एकांत के सौ वर्ष" न केवल लैटिन अमरीकी सभ्यता के इतिहास का बल्कि पूरे मानवीय इतिहास का पुनर्लेखन है। उसकी शैली को जादुई यथार्थवाद कहना उस पूरी…
विनय मिश्र की ग़ज़लें
(1) ज़रूरी जितना है उतना बना हुआ है वो मेरा सफ़र है तो रस्ता बना हुआ है वो अंँधेरी रातों में ज्यादा चमकने वाला कुछ मेरी ही आंँखों का सपना…