देवेन्द्र कुमार चौधरी की कविताएं
जाड़े की एक सुबह 【1】 .......................... ओस कुहासों के पीछे छिपा रहा सूरज जाड़े की एक सुबह नहीं खिली धूप धीरे-धीरे सिसक रही पछिया हवा से ठिठुरन और बढ़ गई…
लोकतंत्र का मंदिर हो या श्रीराम का, निष्ठा और सेवा में मोदी ने काई कसर नहीं छोड़ी-स्मृति ईरानी
* विपक्ष के पास प्रपंच करने के अलावा और कुछ नहीं * विपक्षियों के फूट की सुर्खियों से बिहार में भी होती है हलचल,यहां के एक नेता सीएम के रेस…
नरेन्द्र मोदी तीसरी बार बनेंगे पीएम, 2025 में बिहार में भी भाजपा की सरकार बनना तय-ईरानी
*पंजाबी, सिन्धी, गुजराती व बंगाली समाज के लोगों से स्मृति ईरानी ने की मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने की अपील* * बिहार में भाजपा की सरकार बनी तो कराया…
भाजपा और केन्द्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाएं कार्यकर्ता-सम्राट
*विपक्ष के अपप्रचार का डट कर करें मुकाबला,सही तथ्यों से जनता को अवगत कराएं* पटना, 10.01.2024 भारतीय जनता पार्टी बिहार प्रदेश की ओर से बुधवार को प्रदेश मुख्यालय के अटल…
शहंशाह आलम की कविताएं
1. हँसना हँसने के लिए सबसे अच्छी जगह ढूँढ़ रखी है मैंने आपकी ऊब से आप ही को बचाने के लिए आप हँसना लगभग भूल जो गए हैं हँसने वाली…
सीट बंटवारे का काम जल्दी पूरा होना चाहिए – विजय कुमार चौधरी
मंदिर-मस्जिद के नाम पर समाज को बांटती है भाजपा- जमा खां 09 जनवरी 2024 मंगलवार को जनता दल (यू0) मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में बिहार सरकार में वित्त, वाणिज्य…
लालू प्रसाद भ्रष्टाचार के प्रतीक, पूरा परिवार भ्रष्टाचारी- सम्राट
* पिछली बार राजद का तो इस बार पूरे इंडी गठबंधन का बिहार में नहीं खुलेगा खाता * विवेकानंद जयंती पर पटना में युवा समागम का आयोजन, प्रचार रथ हुआ…
ऐतिहासिक होगा जननायक कर्पूरी ठाकुर का जन्मशताब्दी समारोह – उमेश सिंह कुशवाहा
जननायक कर्पूरी ठाकुर की जन्मशताब्दी समारोह को सफल बनाने के लिए जद(यू0) जिला प्रभारी की तैयारी बैठक 09 जनवरी 2024 जननायक कर्पूरी ठाकुर की जन्मशताब्दी समारोह को सफल बनाने के…
नेपाल में लेनिन स्मृति शतवार्षिकी समिति निर्माण
८ जनवरी २०२४ काठमाडौं विश्वप्रसिद्ध कम्युनिष्ट नेता लेनिन की स्मृति में शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में नेपाल में जनस्तर में लेनिन स्मृति शतवार्षिकी समिति गठन किया गया है । काठमाडौ…
उमेश पंकज की कविताएं
रक्तिम समय में ....................... नफरतों के इस दौर में अपना शीष उतारा धरती पर धरा और चल दिया तुमने कहा यह रक्तिम समय है जरा संभल कर चलना भाई! जगह…