श्यामबाबू शर्मा की लघुकथाएं
मेला एक शहर से दूसरे, दूसरे से तीसरे और फिर पुस्तकों के महा मेले में पहुंचे प्रकाशक। उत्साह से लबरेज। प्रकाशन जगत के बड़े खिलाड़ियों के साथ ही नवोदित छुटभैये…
बिहार मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मिला भाजपा प्रतिनिधिमंडल
बूथ पुनर्निर्धारण के पहले पार्टियों की बैठक बुलाने की रखी मांग पटना 07 अगस्त । भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को बिहार मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से पटना से मुलाकात की…
मनोज मल्हार की कविताएं
सांवले चेहरे की हँसी दीवारों पर पक्के ईंटों के रंग का फैलाव. असमतल सीढ़ियों के नीचे ठहरी नालियां. मटमैले आसमान का थोड़ा सा हिस्सा ... आते जाते इंसानों के बीच…
रवि प्रताप सिंह की ग़ज़लें
*1.* छोड़ कर हम प्रेम गाथा अब सितम को होड़ दें। इन्क़लाबी हो क़लम या शायरी ही छोड़ दें । इस सियासत ने हमारी थालियाँ ही छीन लीं, रोटियों के…
शाइर देववंश दुबे की ग़ज़लें : डॉ. रमाकांत शर्मा
अम्बिकापुर, छत्तीसगढ़ की धरती मुझे नहीं मालूम न जाने कितनी उर्वर है , लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि वहाँ के साहित्यकारों के चित्त अवश्य उर्वर है। प्रमाण के…
पुस्तक समीक्षा : * परमवीर अल्बर्ट एक्का * : एक रोमांचक शौर्यगाथा : हिमकर श्याम
पुस्तक : परमवीर अल्बर्ट एक्का समीक्षक : हिमकर श्याम लेखक : संजय कृष्ण प्रकाशक : प्रभात प्रकाशन पृष्ठ : 158 मूल्य : 300/- *************** हमारा इतिहास विषयक दृष्टिकोण, हमारे वर्तमान…
कृष्णकुमार नाज़ की ग़ज़लें
ग़ज़ल सँभलकर राह में चलना वही पत्थर सिखाता है हमारे पाँव के आगे जो ठोकर बनके आता है नहीं दीवार के ज़ख़्मों का कुछ अहसास इंसाँ को जो कीलें गाड़ने…
स्वतंत्रता की भावना में निहित है स्वच्छता की भावना : डॉ. हनीफ मेवाती
स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम गांधी जी ने स्वच्छता को पूजा-पाठ माना था पटना। पटना नगर निगम स्वच्छता जागरूकता टीम द्वारा खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग तथा डॉ राजेंद्र प्रसाद बहुउद्देश्यीय प्रशिक्षण केंद्र…
नए कलाकारों को सही राह दिखाना कला गुरुओं की जिम्मेदारी : समीर कुमार महासेठ
उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान में नए क्राफ्ट सेंटर का उद्घाटन कड़ी मेहनत और खुद को तरासते रहने से मिलेगी कामयाबी : संदीप पौण्डरीक पटना उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान…
ट्विंकल रक्षिता की कहानी : * दोबारा नहीं *
(क्या एक जिन्दगी काफी है इतने सवालों के लिए?) आधी रात बीत चुकी है... मैं टेरेस पर खड़ी खड़ी सोचती हूं, कि कूद जाऊं... अगली सुबह मैं न होऊंगी, न…