बलिदान दिवस के रूप में भाजपा कार्यालय में मनाई गई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि
सम्राट चौधरी ने कहा, नीतीश लोकतंत्र के लिए खतरा, सीएम आवास का दुरुपयोग विपक्षी दलों की बैठक में ब्रेकिंग इंडिया वाले : सम्राट चौधरी पटना, 23 जून। भाजपा प्रदेश कार्यालय…
निजी स्वार्थ में आयोजित है विपक्षी दलों की बैठक : अनिल कुमार
*विपक्षी दलों ने खोया जनता का भरोसा, स्वार्थहित में कर रहे बैठक से किसका होगा भला : अनिल कुमार* पटना, 22 जून : 23 जून को पटना में होने वाले…
फिर एक बड़ी राजनीतिक क्रांति का सूत्रपात करने जा रहा बिहाए : वशिष्ठ नारायण सिंह
23 जून को होने जा रही विपक्षी दलों की महाबैठक पर श्री वशिष्ठ नारायण सिंह का वक्तव्य 22 जून, 2023 पटना 23 जून को पटना में होने जा रही विपक्षी…
रमाकांत नीलकंठ की कविताएँ
कम ही कम कम ही कम है साधन-माध्यम-भूति-प्रभा-प्रतिभा और फैलने अवसर, अंजुरी कम चौड़ी-गहरी है तो भी भरी नहीं है छप्पर फाड़ बरस न पड़ी मेहनत के बूते सत्य के…
विपक्षी बैठक से भाजपा की चूल हिल गयी है : सेराज अनवर
दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी महज़ विपक्षी एकता की आहट से हिल गयी है.23 जून को पटना में होने वाली विपक्ष की बैठक…
केन्द्र की योजनाओं पर नीतीश कुमार ने चिपकाया है केवल अपने नाम का लेबल : चिराग पासवान
दिनांक 21 जून, 2023 लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चिराग पासवान ने बिहार के पिछड़ेपन और दुर्दशा के लिए मुख्यमंत्री नीतीश को कसूरवार ठहराया है। श्री चिराग…
सत्ता किसी की बपौती तो है नहीं, हम भी सत्ता में थे और हटाए गए : तेजस्वी यादव
बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव आज 21 जून को अपने अलग ही अंदाज में दिखे। 23 जून की विपक्षी एकता को लेकर पटना में होने वाली महा बैठक के…
हिन्दी कविता की समकालीन व्यथा : रमाकांत नीलकंठ
कविता के सपाट, अभिधात्मक, विचारात्मक गद्यवत् हो जाने के कारण उसके अर्थग्रहण में कोई बाधा, कोई कुहासा, कोई झिलमिलाता चिलमन आड़े आने से बाज आ गया। लय या छन्द से…
नीरज नीर की कविताएँ : रोशनी के नेपथ्य में… : अजित कुमार राय
नीरज नीर की कविताओं में झारखण्ड के पहाड़ों का अरण्य रोदन साफ सुना जा सकता है। वहाँ के जीवन - स्तर, सांस्कृतिक चेतना, प्रेम की संगीत - लिपियाँ और आदिम…
चमक क्या है : रमाकांत नीलकंठ
- रमाकांत नीलकंठ पुरानी चीजें चमक खो देती हैं। चमक खोते ही चीजें अँधेरे के कब्जे में आ जाती हैं। चीजें चाहे जानेमाने जिन्दा व्यक्ति ही हों, अँधेरे की उफनती…