विनोद शाही को द्वितीय आधार सम्मान (2023) की घोषणा
पंचकूला 27 जून 2023 : आधार प्रकाशन की ओर से हर वर्ष,…
संजय छीपा की कविताएं
1. मैंने पढ़ा है तुम्हारी आंखों में अपना दुख तुम्हारा कोई दुख…
वीरेन्द्र परमार के व्यंग्य-संग्रह – यतो अधर्म: ततो जय : भ्रष्टाचार के राष्ट्रीय उत्सव में : अजित कुमार राय
कूट वक्रताओं के विकास - क्रम में व्यंग्य एक प्रहार मूलक नुकीला…
दुखग्राम क्या है : चन्द्रकिशोर जायसवाल के नवीनतम उपन्यास पर पुष्यमित्र की टिप्पणी
यह दुनिया है. इसे दुखग्राम किसने बनाया? हम इंसानों ने. लोभ और…
रमाकांत नीलकंठ की कविताएँ
कम ही कम कम ही कम है साधन-माध्यम-भूति-प्रभा-प्रतिभा और फैलने अवसर, अंजुरी…
हिन्दी कविता की समकालीन व्यथा : रमाकांत नीलकंठ
कविता के सपाट, अभिधात्मक, विचारात्मक गद्यवत् हो जाने के कारण उसके अर्थग्रहण…
नीरज नीर की कविताएँ : रोशनी के नेपथ्य में… : अजित कुमार राय
नीरज नीर की कविताओं में झारखण्ड के पहाड़ों का अरण्य रोदन साफ…
चमक क्या है : रमाकांत नीलकंठ
- रमाकांत नीलकंठ पुरानी चीजें चमक खो देती हैं। चमक खोते ही…
सूर्यकान्त सुतार ‘सूर्या’ की कविता पितृ दिवस पर
पितृ दिवस पर लिखी गई मेरी एक रचना आपके और पिताजी के…
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का साहित्य-विमर्श
डॉ. श्रीभगवान सिंह 1. ‘‘भारत के बाहर डॉ. प्रसाद स्वभावतः ही भारतीय…